कटनी नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया कटनी की प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर जितना अपनी कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं उतना ही उनमें धर्म कर्म के प्रति भी सजग होने का एक अलग ही पहलू देखने को मिला जो दया, भारतीय परंपरा और मानवधर्म की अनोखी सीख देता है।
“परहित सरिस धरम नहीं भाई, पर पीड़ा सम नहिं अधमाई”
चौपाई को चरितार्थ करता उनका एक मार्मिक पहलू भी सामने आया, नगर पुलिस अधीक्षक ने उनके कार्यालय आए फरियादी एक संत जी को उनकी आवश्यकता तथा उनकी दयनीय स्थिति को देखकर उन्हें अपने घर ले जाकर आवश्यकता की तमाम वस्तुओं से ना केवल उनकी मदद की बल्कि किराने का सामान, कंबल, शाल, गलाबंद, दक्षिणा इत्यादि का दान किया और खुद अपने हाथ से उस थैले को उठाकर उनकी मोटर साइकिल में रखवाकर उन्हें विदा किया, और सदैव मुसीबत के लिए खड़े रहने का वचन भी दिया, जो उनके अंदर दया भाव तथा धर्म के प्रति आस्था को दर्शाता है।
कड़ाके की ठंड में उनका यह मानवधर्म रूपी पुण्य कार्य पूरे समाज को सदैव अच्छे कार्य करते रहने के लिए प्रोत्साहित करता है, और हम सभी को अपनी व्यस्ततम दिनचर्या में भी ऐसे पुण्य कार्यों के लिए समय निकालने की शिक्षा देता है।