
कटनी/ढीमरखेड़ा। ग्राम महनेर और मडेरा में कथित अवैध शराब पैकारियों के संचालन को लेकर ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। दोनों गांवों की दर्जनों महिलाओं ने चंद्रकांत चौरसिया के नेतृत्व में उमरियापान थाना एवं तहसील कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। महिलाओं ने शराब पैकारियों को तत्काल बंद कराने की मांग को लेकर थाना प्रभारी महेंद्र जायसवाल तथा नायब तहसीलदार इसरार खान को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
विधायक के निर्देश के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का आरोप है कि 13 अगस्त को तिरंगा यात्रा के दौरान क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह के समक्ष महनेर और मडेरा में कथित अवैध शराब बिक्री की समस्या उठाई गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक विधायक ने मौके पर मौजूद थाना प्रभारी को पैकारियां बंद कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही पुलिस अधीक्षक कटनी को भी इस संबंध में पत्र भेजे जाने की बात कही गई। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बावजूद अपेक्षित कार्यवाही नहीं होने से उन्हें विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा।
शराब की उपलब्धता से बिगड़ रहा माहौल
महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांवों में शराब आसानी से उपलब्ध होने के कारण आए दिन विवाद की स्थिति बनती है। उनका कहना है कि इसका असर परिवारों के साथ-साथ गांव के सामाजिक वातावरण पर भी पड़ रहा है। महिलाओं ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर कथित अवैध शराब पैकारियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
कार्यवाही नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
ज्ञापन सौंपते हुए चंद्रकांत चौरसिया ने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या को प्रशासन के समक्ष उठा रहे हैं। यदि जल्द निष्पक्ष जांच कर प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई तो आसपास के गांवों की महिलाओं को साथ लेकर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ग्रामीण महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ शिकायतों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाए।
