
कटनी। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नगर निगम की व्यवस्थाओं के बीच शहर के 11 चिन्हित विसर्जन कुंडों में प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न हुआ। नगर निगम का अमला रात रात-भर व्यवस्थाएं संभालने में जुटा रहा। वहीं, विसर्जन जुलूसों में तेज आवाज में बजते डीजे को लेकर ध्वनि प्रदूषण और प्रशासनिक निर्देशों के पालन पर सवाल खड़े हुए।निगमायुक्त तपस्या परिहार के निर्देशन में उपायुक्त प्रियंका झारिया, राजस्व अधिकारी जागेश्वर पाठक, सहायक इंजीनियर आदेश जैन सहित निगम की टीम विसर्जन स्थलों पर तैनात रही। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग और क्रेन व गोताखोरों की उपलब्धता के साथ विसर्जन की प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए गए। निगम अमले की सक्रियता के चलते विसर्जन व्यवस्था संभालने में मदद मिली।
डीजे के शोर पर उठे सवाल
दूसरी ओर, विसर्जन जुलूसों के दौरान तेज आवाज में बजते डीजे को लेकर नागरिकों ने नाराजगी जताई। आरोप है कि देर रात तक भारी साउंड सिस्टम की आवाज गूंजती रही, जिससे रिहायशी इलाकों में रहने वाले बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।नागरिकों ने सवाल उठाया कि ध्वनि प्रदूषण और निर्धारित समय-सीमा से जुड़े निर्देशों के बावजूद तेज आवाज पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं दिखाई दिया। हालांकि, नियमों के उल्लंघन और कार्रवाई की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। कुल मिलाकर, एक ओर नगर निगम की विसर्जन व्यवस्थाएं चर्चा में रहीं, तो दूसरी ओर डीजे के तेज शोर ने ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण और प्रशासनिक निगरानी को लेकर नई बहस छेड़ दी।
