
राष्ट्रपति भवन में हुआ भावुक मिलन—राष्ट्रीय पैरा जूडो चैंपियनशिप में सिल्वर जीत चुके आरुष को मिला देश के लिए खेलने और नाम रोशन करने का हौसला
कटनी : एक छोटे से शहर का सपना जब देश के सर्वोच्च संवैधानिक भवन तक पहुंचता है, तो वह सिर्फ उपलब्धि नहीं रहता—वह प्रेरणा की कहानी बन जाता है। कटनी के सी.डब्ल्यू.एस.एन. छात्रावास, प्रेमनगर के प्रतिभाशाली छात्र आरुष सिंह के लिए राष्ट्रपति भवन में बीता यह पल कुछ ऐसा ही था।
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में आरुष को राष्ट्रपति से मिलने का गौरव मिला। मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु ने स्वयं आरुष की कलाई पर राखी बांधी। स्नेह से भरा यह क्षण आरुष के लिए भावुक भी था और गौरवपूर्ण भी। राष्ट्रपति ने उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उसे निरंतर मेहनत करने और एक उत्कृष्ट जूडो चैंपियन बनकर देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।कलेक्टर कटनी श्री आशीष तिवारी के निर्देशन में आरुष को मिला यह अवसर जिले की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
राष्ट्रपति भवन तक पहुंची आरुष की मेहनत की कहानी
आरुष की यह यात्रा अचानक नहीं बनी। इसके पीछे खेल के प्रति समर्पण और लगातार मेहनत की कहानी है।
14वीं नेशनल पैरा जूडो चैंपियनशिप-2025 में आरुष ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया था। श्रीगंगानगर, राजस्थान में 19 से 23 दिसंबर 2025 तक आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मिली यह सफलता कटनी और मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय बनी।
मैट पर जीता गया वह सिल्वर मेडल अब आरुष को राष्ट्रपति भवन तक ले आया, जहां उसे देश की प्रथम नागरिक का स्नेह और आशीर्वाद मिला।
राखी के धागे में बंधा आशीर्वाद
राष्ट्रपति द्वारा आरुष की कलाई पर राखी बांधने का दृश्य उसके लिए जीवनभर याद रहने वाला बन गया। यह केवल रक्षाबंधन की रस्म नहीं थी। आरुष के लिए यह उसकी मेहनत की पहचान, उसके सपनों का सम्मान और आगे बढ़ने का आशीर्वाद था।
राष्ट्रपति ने उसे प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वह इसी तरह मेहनत करता रहे और खेल के क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ाए। इस आत्मीय मुलाकात ने आरुष के उत्साह को नई ऊर्जा दी।
राष्ट्रपति भवन से प्रधानमंत्री संग्रहालय तक—ज्ञान और इतिहास की यात्रा।
आरुष के दिल्ली प्रवास में राष्ट्रपति भवन की गौरवपूर्ण स्मृति के साथ इतिहास और विरासत से जुड़ने के अवसर भी मिले। उसने प्रधानमंत्री संग्रहालय, अमृत उद्यान और किला राय पिथौरा प्रदर्शनी का भ्रमण किया।
इन स्थलों ने उसके दिल्ली प्रवास को केवल सम्मान यात्रा नहीं रहने दिया, बल्कि इसे ज्ञान, इतिहास और प्रेरणा से भरी यादगार यात्रा बना दिया।
आरुष के साथ खड़ा रहा कटनी का शिक्षा परिवार
इस ऐतिहासिक अवसर पर आरुष के मार्गदर्शन एवं सहयोग में श्री अनिल त्रिपाठी, ए.पी.सी. (आई.ई.डी.), जिला शिक्षा केन्द्र, कटनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आरुष की उपलब्धि पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री सच्चिदानंद पाण्डेय, जिला परियोजना समन्वयक श्री प्रेमनारायण तिवारी, सहायक परियोजना समन्वयकगण, जिला शिक्षा केन्द्र के समस्त कर्मचारी, विकासखंड स्त्रोत केन्द्र समन्वयकगण, वार्डन, एम.आर.सी. एवं छात्रावास के कर्मचारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आरुष को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
आरुष का दिल्ली प्रवास 30 अगस्त 2026 को वापसी के साथ संपन्न होगा।
