मैं तो केवल अपने माता-पिता का सेवक हूँ” बाबू ग्रोवर का भावुक उद्बोधन सुन नम हुईं आँखें*
मैं तो केवल अपने माता-पिता का सेवक हूँ” बाबू ग्रोवर का भावुक उद्बोधन सुन नम हुईं आँखें, 36वीं वर्षगांठ पर हृदय से व्यक्त किया आभार, हर सहयोगी को मंच से किया नमन नीलकंठेश्वर भक्ति धाम की 36वीं वर्षगांठ के भव्य आयोजन के समापन अवसर पर जब आयोजक बाबू ग्रोवर मंच पर पहुँचे तो शब्दों से…
