
कलेक्टर ने कहा — हर आवेदन का हो तथ्यपरक परीक्षण, पात्र हितग्राहियों को समय पर मिले योजनाओं का लाभ
कटनी, 18 अगस्त। प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं के समाधान की दिशा में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से पहुंचे 144 आवेदकों ने अपनी समस्याएं और मांगें कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदक की समस्या को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का तथ्यात्मक परीक्षण कर नियमानुसार समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में किसी नागरिक ने मुआवजा राशि दिलाने की मांग रखी, तो किसी ने प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम जोड़ने की फरियाद की। कई आवेदकों ने भूमि संबंधी मामलों, सड़क निर्माण, पेंशन, आर्थिक सहायता तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने की शिकायतें भी प्रस्तुत कीं। कलेक्टर ने आवेदकों की समस्याएं सुनने के साथ संबंधित विभागीय अधिकारियों से प्रकरण की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।
समस्या लेकर आए नागरिक को समाधान लेकर लौटना चाहिए
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदन केवल पंजीबद्ध करने तक सीमित नहीं रहें, बल्कि प्रत्येक प्रकरण के न्यायसंगत एवं स्थायी समाधान की दिशा में गंभीरता से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में समस्या लेकर आने वाले नागरिक को समाधान की उम्मीद के साथ वापस लौटना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। संबंधित विभाग आवेदन प्राप्त होने के बाद उसकी वास्तविक स्थिति का परीक्षण करे और नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करते हुए आवेदक को समय पर राहत उपलब्ध कराए।
कलेक्टर ने विभागवार लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि प्रकरणों के निराकरण में केवल औपचारिकता न हो, बल्कि शिकायत की वास्तविकता और नागरिक की समस्या को समझते हुए ठोस समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मुआवजा, आवास, भूमि और सड़क से जुड़े आवेदन
जनसुनवाई के दौरान ग्राम खरखरी निवासी रामकिशोर पटेल ने नलकूप की मुआवजा राशि दिलाए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। ग्राम उरदानी निवासी सेवानिवृत्त कोटवार नत्थू लाल दहायत ने सहायता राशि दिलाने की मांग रखी।
इसी प्रकार ग्राम जरवाही निवासी शकुन बाई ने प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम जोड़े जाने के संबंध में आवेदन दिया। बरही निवासी दुलारे बर्मन ने भूमि नामांतरण की समस्या कलेक्टर के समक्ष रखी।
ग्राम सिमरिया निवासी सरस्वती बाई ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि प्राप्त नहीं होने की समस्या बताई। वहीं ग्राम छितवारा के ग्रामीणों ने बिछुआ से छितवारा तक सड़क निर्माण कराए जाने की मांग रखी।
ग्राम टिकरवारा निवासी रानी सिंह ने लाड़ली बहना योजना की राशि नहीं मिलने की शिकायत की। ग्राम धवैया निवासी दशरथ चौधरी ने आबादी भूमि से कब्जा हटाने की मांग की, जबकि ग्राम पंचायत तिगवा निवासी रामसेन लोधी ने दिव्यांगता आर्थिक सहायता योजना का लाभ दिलाए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया।
इनके अतिरिक्त जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए अन्य आवेदकों ने भी अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याएं कलेक्टर के समक्ष रखीं। कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवेदन सौंपते हुए प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
योजनाओं का लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता
कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायतों का निराकरण करना नहीं है, बल्कि जरूरतमंद नागरिकों को वास्तविक और समय पर राहत उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को किसी तकनीकी अथवा प्रक्रियागत कारण से अनावश्यक परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि यदि कोई नागरिक किसी योजना का पात्र है, तो संबंधित विभाग उसकी पात्रता का परीक्षण कर नियमानुसार लाभ दिलाने की दिशा में तत्परता से कार्य करे। साथ ही अपात्र पाए जाने वाले प्रकरणों में भी आवेदक को स्पष्ट कारणों की जानकारी दी जाए, ताकि उसे अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई के प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा जाए और निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक आवेदन की वस्तुस्थिति का तथ्यपरक परीक्षण किया जाना आवश्यक है, जिससे निर्णय निष्पक्ष और नियमानुसार हो।
जनसुनवाई प्रशासन को जवाबदेह बनाने का माध्यम
कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि जनसुनवाई प्रशासन और नागरिकों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके माध्यम से न केवल लोगों की व्यक्तिगत समस्याएं सामने आती हैं, बल्कि गांवों और क्षेत्रों में मौजूद सामूहिक समस्याओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी भी प्रशासन को मिलती है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई के दौरान सामने आने वाली समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और जिन मामलों में एक से अधिक विभागों की भूमिका है, उनमें आपसी समन्वय के साथ समाधान की कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था की सफलता इस बात से तय होती है कि आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए कितनी सहजता और समयबद्धता से सहायता मिलती है।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को जनसुनवाई के आवेदनों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अधिकारी रहे मौजूद
जनसुनवाई के दौरान जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर, एसडीएम कटनी श्री प्रमोद चतुर्वेदी, संयुक्त कलेक्टर श्री जितेन्द्र पटेल सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से संबंधित आवेदनों को प्राप्त कर उनके निराकरण की कार्यवाही के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दर्ज किए।
