
कटनी। कटनी शहर के बालाजी नगर में बिजली विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। झूल रहे बिजली के तारों की चपेट में आने से एक भैंस की मौत हो जाने के बाद भी जिम्मेदार विभाग की ओर से खतरे को दूर करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। घटना के बाद भी बीच सड़क पर पड़े सर्विस लाइन के तारों का गुच्छा हटाया नहीं गया है, जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि उनमें अब भी विद्युत प्रवाहित हो रही है। इससे क्षेत्र में कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां बिजली के तार लंबे समय से अव्यवस्थित और नीचे लटक रहे थे। हादसे के बाद लोगों को उम्मीद थी कि विद्युत विभाग तत्काल मौके पर पहुंचकर तारों को हटाएगा और क्षेत्र को सुरक्षित बनाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उल्टा, करंट युक्त तार अब भी रास्ते में पड़े होने से राहगीरों, बच्चों और मवेशियों की जान पर खतरा मंडरा रहा है।
इस पूरे मामले ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि एक जानवर की मौत के बाद भी विभाग नहीं जागता, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर उसकी संवेदनशीलता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। जिस रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग और वाहन गुजरते हैं, वहां खुले में पड़े बिजली के तार किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं।
अब सवाल यह है कि क्या किसी इंसान की जान जाने के बाद ही जिम्मेदार विभाग सक्रिय होगा? क्या इस मामले की जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि तारों के रखरखाव में किस स्तर पर लापरवाही हुई? और यदि लापरवाही सामने आती है तो क्या संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्यवाही की जाएगी?
फिलहाल स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी नाराजगी है। नागरिकों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से तत्काल करंट युक्त तारों को हटाकर क्षेत्र को सुरक्षित बनाने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की मांग की है।
