
कटनी। शहर के प्रमुख और व्यस्ततम चौराहों में शामिल जगन्नाथ चौक पर दोपहर के समय यातायात का दबाव साफ नजर आया। दोपहर करीब 1 से 2 बजे के बीच चौक से गुजरने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ कई बार यातायात की रफ्तार धीमी होती दिखाई दी। चौक के आसपास वाहनों की आवाजाही और पार्किंग व्यवस्था के बीच यातायात को व्यवस्थित बनाए रखना चुनौतीपूर्ण नजर आया।
जगन्नाथ चौक कटनी शहर के उन प्रमुख चौराहों में शामिल है, जहां दिनभर बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन रहता है। मध्यप्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत जानकारी में भी जगन्नाथ चौक को शहर के अधिक यातायात घनत्व वाले प्रमुख चौराहों में शामिल किया गया है।
पीक टाइम में बढ़ता है दबाव
दोपहर 1 से 2 बजे के बीच चौक पर दोपहिया वाहनों के साथ कार, ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य वाहनों की आवाजाही बढ़ने से यातायात का दबाव दिखाई देता है। एक साथ अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के कारण चौराहे पर कुछ समय के लिए वाहनों की गति प्रभावित होती है। ऐसे में वाहन चालकों को आगे निकलने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।
पार्किंग भी बड़ी चुनौती
जगन्नाथ चौक और आसपास के व्यावसायिक क्षेत्र में पार्किंग व्यवस्था यातायात प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सड़क किनारे अनियोजित तरीके से वाहन खड़े होने की स्थिति में सड़क की उपलब्ध चौड़ाई कम हो जाती है, जिसका सीधा असर यातायात की रफ्तार पर पड़ता है। नगर निगम द्वारा हाल ही में जगन्नाथ चौक ओवरब्रिज सहित प्रमुख स्थानों पर पार्किंग और नो-पार्किंग के नए साइन बोर्ड लगाए जाने की जानकारी दी गई है।
ई-रिक्शा और ऑटो की आवाजाही पर भी निगरानी जरूरी
कटनी शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर हाल के दिनों में ई-रिक्शा और ऑटो की बेतरतीब आवाजाही तथा प्रमुख चौराहों पर जाम की स्थिति को लेकर भी सवाल उठे हैं। ऐसे में जगन्नाथ चौक जैसे व्यस्त चौराहे पर पीक आवर्स के दौरान यातायात कर्मियों की मौजूदगी और प्रभावी निगरानी यातायात को सुचारु बनाए रखने में अहम साबित हो सकती है।
स्थायी समाधान की जरूरत
शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ट्रैफिक सिग्नल, रोड मार्किंग, रोड स्टड, डिवाइडर, साइनेज और अन्य सड़क सुरक्षा उपाय किए जाने की जानकारी सरकारी स्तर पर दी गई है। इसके बावजूद व्यस्त समय में चौराहों पर बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए ग्राउंड लेवल पर नियमित निगरानी, नो-पार्किंग व्यवस्था का पालन और वाहनों के व्यवस्थित संचालन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
दोपहर 1 से 2 बजे के बीच जगन्नाथ चौक की स्थिति यह संकेत देती है कि शहर में बढ़ते यातायात के अनुरूप यातायात प्रबंधन को लगातार अपडेट करने की जरूरत है। यदि पीक आवर्स में यातायात पुलिस की प्रभावी तैनाती, पार्किंग नियमों का सख्ती से पालन और चौराहे पर वाहनों की आवाजाही का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए, तो जाम और धीमी यातायात गति की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
