बंजारी के पास यात्री बस पलटने से किशोरी की मौत, 42 यात्री घायल

प्रशासन ने संभाला मोर्चा, अस्पताल पहुंचकर कलेक्टर और एसपी ने जाना घायलों का हाल; राहत एवं उपचार कार्य तत्काल शुरू

कटनी। जिले के विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बंजारी के समीप शनिवार सुबह एक यात्री बस के अनियंत्रित होकर पलट जाने से दर्दनाक हादसा हो गया। दुर्घटना में एक 16 वर्षीय किशोरी की मृत्यु हो गई, जबकि 42 यात्री घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस सक्रिय हो गए। घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल विजयराघवगढ़ पहुंचाकर उपचार शुरू कराया गया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिला चिकित्सालय कटनी रेफर किया गया। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल बन गया।हादसे के बाद तत्काल शुरू हुआ राहत कार्यप्राप्त जानकारी के अनुसार, रजा यात्री बस क्रमांक एमपी-14-बीडी-0811 बंजारी मार्ग से विजयराघवगढ़ की ओर जा रही थी। इसी दौरान बंजारी के समीप बस अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना के बाद बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। पुलिस एवं प्रशासनिक स्तर पर राहत कार्य शुरू कर घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।किशोरी की मृत्यु से परिवार में शोकदुर्घटना में पिपरा निवासी 16 वर्षीय अनीता लोधी की मृत्यु हो गई। वह संतोष लोधी की पुत्री थी। किशोरी की असामयिक मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे में घायल अन्य यात्रियों को भी तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यात्री परिवहन में सावधानी के महत्व को रेखांकित किया है।

कलेक्टर और एसपी अस्पताल पहुंचे, उपचार की ली जानकारी

घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर आशीष तिवारी एवं पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा सिविल अस्पताल विजयराघवगढ़ पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घायलों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा चिकित्सकों से उपचार की स्थिति के संबंध में चर्चा की। कलेक्टर ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकीय दल को निर्देश दिए कि सभी घायलों को आवश्यकतानुसार बेहतर उपचार, दवाइयां और अन्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। गंभीर घायलों को आवश्यकता के अनुसार तत्काल उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा के लिए जिला चिकित्सालय भेजने के निर्देश भी दिए गए।

अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संभाली व्यवस्था

दुर्घटना की सूचना मिलने पर कलेक्टर ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं एसडीएम विजयराघवगढ़ प्रमोद चतुर्वेदी को घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करना रही।बीएमओ डॉ. विनोद कुमार के अनुसार, घायलों के उपचार के लिए अस्पताल में आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। उन्होंने बताया कि आठ घायल वर्तमान में विजयराघवगढ़ सिविल अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि अन्य घायलों को उपचार एवं आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने के बाद छुट्टी दे दी गई है। प्रशासन द्वारा घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

हादसे के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी

दुर्घटना के बाद मृत किशोरी के परिजन और कुछ स्थानीय लोग सड़क सुरक्षा को लेकर आक्रोशित हो गए। उन्होंने विजयराघवगढ़-कटनी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने यात्री बसों की फिटनेस व्यवस्था की जांच, संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई और मृत किशोरी के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग उठाई। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने लोगों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने और आवागमन बहाल कराने का प्रयास किया।जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे दुर्घटना के कारणइस दुर्घटना के कारणों का निर्धारण जांच के बाद ही किया जा सकेगा। बस के अनियंत्रित होकर पलटने के पीछे क्या परिस्थितियां रहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। ऐसे में किसी भी विभाग अथवा अधिकारी की जिम्मेदारी के संबंध में निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित तथ्यों और जांच के परिणामों को सामने आना जरूरी है।यात्री परिवहन से जुड़े मामलों में वाहन की तकनीकी स्थिति, सड़क की परिस्थितियां, चालक की भूमिका और दुर्घटना के अन्य संभावित कारणों की जांच महत्वपूर्ण होती है। इसलिए हादसे को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब भी तथ्यों और जांच के आधार पर ही सामने आना चाहिए।फिलहाल जिला प्रशासन का ध्यान घायलों के उपचार, प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता और स्थिति को सामान्य बनाए रखने पर केंद्रित है। इस दर्दनाक घटना ने क्षेत्र में शोक की लहर पैदा कर दी है। उम्मीद की जा रही है कि दुर्घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच से वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होंगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।

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