
कटनी। जिले के चाका ग्राम पंचायत स्थित प्राथमिक स्कूल में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) तैयार कर रहीं चार महिलाएं अचानक छज्जा गिरने से घायल हो गईं। हादसे के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घायल महिलाओं को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। घटना ने स्कूल भवन की सुरक्षा, रखरखाव और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बच्चों के भोजन की तैयारी के बीच टूटा छज्जा
जानकारी के अनुसार, स्कूल में शनिवार दोपहर बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान भवन का छज्जा अचानक गिर गया और इसकी चपेट में आकर भोजन बनाने का काम कर रहीं चार महिलाएं घायल हो गईं। अचानक हुए हादसे से मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घायलों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।
क्या जर्जर भवन पर नहीं थी किसी की नजर?
स्कूल भवन में हुए इस हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि भवन के छज्जे की स्थिति कैसी थी और क्या पहले से उसमें किसी तरह की टूट-फूट या कमजोरी के संकेत मौजूद थे? यदि भवन की हालत खराब थी, तो समय रहते मरम्मत क्यों नहीं कराई गई? हालांकि, छज्जा गिरने के वास्तविक कारणों और भवन की पूर्व स्थिति की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग
स्कूल केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा का भी केंद्र है। ऐसे परिसर में भवन का हिस्सा गिरना गंभीर चिंता का विषय है। घटना की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, स्कूल भवन का तकनीकी निरीक्षण होना चाहिए और लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की असली वजह
फिलहाल हादसे में घायल चारों महिलाओं के उपचार की जानकारी सामने आई है। उनकी चोटों की गंभीरता, प्रशासन की कार्रवाई और भवन की स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। अब देखना होगा कि संबंधित शिक्षा विभाग और प्रशासन इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
**बड़ा सवाल:** क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही स्कूल भवनों की सुरक्षा की जांच होगी, या प्रशासन समय रहते ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगा?
