
कटनी (16 मार्च) – कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे नागरिकों के बीच सकारात्मक माहौल बनाएं और सूचना-तंत्र मजबूत कर रसोई गैस सिलेंडर की अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करें। गोदामों और उपलब्ध स्टॉक का औचक निरीक्षण करें और गड़बड़ी पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल समस्या के निराकरण के प्रति अधिकारी संवेदनशील और जवाबदेह बनें। बिगड़े हैंडपंप की सूचना मिलते ही तत्काल सुधार कार्य करायें। गर्मियों के मद्देनजर जिन गांवों में पेयजल संकट की संभावना हो, वहां के ग्रामीणों को परिवहन कर पेयजल मुहैया कराया जाय। कलेक्टर श्री तिवारी ने यह निर्देश सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में अधिकारियों को दिए।
समय-सीमा बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, निगमायुक्त तपस्या परिहार, अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा भी मौजूद रहे।
कलेक्टर श्री तिवारी ने दो टूक लहजे में कहा कि सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गैस एजेंसियों के संचालकों, सिलेंडर वितरण की समयबद्धता और उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों की स्थिति की अपने स्तर पर प्रतिदिन की स्थिति की समीक्षा करें। एजेंसियों, विक्रेताओं और गोदामों की जांच करें। सीएम हेल्पलाइन सहित अन्य माध्यमों से प्राप्त गैस सिलेंडर वितरण से संबंधित शिकायतों का हितग्राही उपभोक्ता से संवाद कर उनका प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि यदि कहीं एलपीजी गैस वितरण व्यवस्था में अनियमितता, जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायत मिलती है, तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गैस एजेंसियों से घरेलू एवं वाणिज्यिक सिलेण्डरों की औसत स्टॉक और बुकिंग की जानकारी ले। पोर्टल में ई-केवाईसी, ऑनलाईन बुकिंग आदि की जानकारी लें। साथ ही एजेंसी संचालकों से जानकारी लें कि पिछले 3 दिनों में कितने सिलेण्डरों की होम डिलीवरी की गई है। उपभोक्ताओं से भी फीडबैक लें कि गैस का मूल्य अधिक तो नहीं लिया जा रहा, होम डिलीवरी हो रही है या नहीं।
कलेक्टर श्री तिवारी ने सभी विभागों को वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पूर्व बकाया बिजली के बिल का भुगतान करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी विभागों को नगर निगम में सेवा प्रभार जमा करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को 18-20 मार्च तक देयकों को कोषालय प्रेषित करने के निर्देश दिए ताकि बजट लैप्स होने के पूर्व उनका भुगतान किया जा सके।
