
प्रतीक्षालय शेड में अतिक्रमण, छोटे दुकानदारों से कथित वसूली का दावा; यात्रियों की सुविधा और मूलभूत व्यवस्थाओं पर भी सवाल।
कटनी नगर निगम एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आरोप है कि बस स्टैंड परिसर में यात्रियों के लिए बने प्रतीक्षालय शेड में अवैध रूप से दुकानें संचालित हो रही हैं और छोटे दुकानदारों से कथित तौर पर 500-500 रुपये की वसूली की जा रही है। वहीं बस स्टैंड की बदहाल सड़कें, गड्ढे और ऑटो की अव्यवस्थित पार्किंग से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।कटनी बस स्टैंड परिसर में यात्रियों के लिए बनाए गए प्रतीक्षालय शेड में बड़ी संख्या में अस्थायी दुकानें संचालित होने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि इन दुकानों के एवज में नगर निगम के कुछ कर्मचारियों द्वारा बिना अधिकृत सील वाली पर्चियों के माध्यम से छोटे दुकानदारों से 500-500 रुपये की कथित वसूली की जा रही है। खासकर जूते-चप्पल जैसे छोटे व्यवसाय करने वाले दुकानदारों ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।आरोप लगाने वालों का कहना है कि जिन दुकानदारों से कथित वसूली की जा रही है, उनसे किसी प्रकार की विशेष गंदगी भी नहीं होती। इसके बावजूद उनसे राशि ली जा रही है, जबकि बस स्टैंड परिसर में अतिक्रमण और अव्यवस्था लगातार बढ़ती जा रही है।बस स्टैंड की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। परिसर की सीसी रोड कई जगह से उखड़ चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है। इसके अलावा बस स्टैंड के भीतर ऑटो की भीड़ के कारण यात्रियों को आने-जाने में परेशानी होती है। वहीं बस स्टैंड के नगर निगम दीनदयाल नाके के आस पास नाके में ही पदस्थ कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध रूप से ठेले लगाए जा रहे हैं, स्थानीय लोगों का कहना है कि इन समस्याओं के समाधान की बजाय कथित वसूली पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।यदि छोटे दुकानदारों से अवैध वसूली के आरोप सही हैं, तो यह गंभीर जांच का विषय है। वहीं नगर निगम का पक्ष सामने आना भी जरूरी है। अब देखना होगा कि निगम प्रशासन इन आरोपों की जांच कर क्या कार्यवाही करता है और बस स्टैंड की बदहाल व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
