
कटनी। प्रदेश सरकार ने नगरीय निकायों में कार्यरत कर्मचारियों और उनके परिवारों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सेवाकाल के दौरान कर्मचारी की असामयिक मृत्यु होने पर आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की व्यवस्था लागू की है। इस निर्णय से नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर परिषदों में कार्यरत कर्मचारियों के परिवारों को कठिन परिस्थितियों में आर्थिक संबल मिलेगा।
राज्य शासन द्वारा जारी प्रावधान के अनुसार मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों की सेवा अवधि में मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को अनुग्रह अनुदान दिया जाएगा। यह राशि कर्मचारी के बैंड वेतन और ग्रेड पे के संयुक्त योग के छह गुना के बराबर होगी। हालांकि अनुदान की अधिकतम सीमा 1 लाख 25 हजार रुपये निर्धारित की गई है।
सरकार का यह निर्णय 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी माना जाएगा तथा इसके बाद घटित होने वाले सभी मामलों में यह सुविधा लागू रहेगी।
नगरीय प्रशासन से जुड़े कर्मचारियों का मानना है कि यह निर्णय उनके परिवारों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करेगा। साथ ही यह भी दर्शाता है कि राज्य सरकार मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारियों के कल्याण और उनके परिवारों के भविष्य को लेकर गंभीर एवं संवेदनशील है।
