प्रियदर्शिनी बस स्टैंड बना अव्यवस्थाओं का अड्डा, नगर निगम की कार्यवाही सिर्फ खानापूर्ति।

कटनी का प्रियदर्शिनी बस स्टैंड इन दिनों अव्यवस्थाओं का अड्डा बन चुका है। बस स्टैंड परिसर के भीतर फैले गड्ढे, कीचड़ और बहते पानी की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। ताजा मामला तब सामने आया जब एक स्कूटी सवार युवक गड्ढे में गिरकर घायल हो गया। खास बात यह रही कि हादसे से लगभग आधे घंटे पहले ही महापौर बस स्टैंड का भ्रमण कर यहां से निकली थीं, लेकिन अव्यवस्थाएं जस की तस बनी रहीं।

कटनी शहर का प्रमुख प्रियदर्शिनी बस स्टैंड इन दिनों बदहाल स्थिति में नजर आ रहा है। बस स्टैंड के अंदर अवैध वेंडरों का कब्जा है, वेंडरों द्वारा अवैध टपरों का संचालन तो किया ही जाता है साथ ही कई अवैध टपरे किराए से भी संचालित किए जाते हैं, जिनसे वसूली करके बात खत्म कर दी जाती है, जगह-जगह बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जिनमें पानी भर जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को खतरा बना रहता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एक स्कूटी सवार युवक अचानक गड्ढे में फिसलकर गिर पड़ा, जिससे वह घायल हो गया। घटना के बाद कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बस स्टैंड परिसर में लगे हैंडपंप से लगातार पानी बहता रहता है, जिसकी निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। यही पानी सड़क पर फैलकर कीचड़ और दलदल जैसी स्थिति पैदा कर देता है। बारिश न होने के बावजूद बस स्टैंड परिसर हमेशा गीला और फिसलन भरा बना रहता है, जिससे आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। बताया जा रहा है कि हादसे से करीब आधे घंटे पहले महापौर ने बस स्टैंड का भ्रमण किया था, लेकिन अव्यवस्थाओं पर कोई ठोस कार्यवाही नजर नहीं आई। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के दौरे सिर्फ फोटो सेशन और खानापूर्ति बनकर रह गए हैं, जबकि आम जनता रोजाना परेशानियों और हादसों का सामना कर रही है।
स्थानीय नागरिक का कहना है कि
“यहां रोज पानी भरा रहता है, गड्ढे दिखाई नहीं देते। कई लोग गिर चुके हैं लेकिन नगर निगम ध्यान नहीं दे रहा।”

प्रियदर्शिनी बस स्टैंड शहर के हजारों यात्रियों की आवाजाही का प्रमुख केंद्र है, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का अभाव साफ दिखाई देता है। अब देखना होगा कि इस हादसे के बाद नगर निगम और जिम्मेदार सिर्फ निरीक्षण तक सीमित रहते हैं या फिर बस स्टैंड की बदहाल व्यवस्था सुधारने के लिए कोई ठोस कदम भी उठाते हैं।

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