
कटनी से छूटी ट्रेन, जंगल में ले जाकर वारदात को दिया था अंजाम; 900 से अधिक ऑटो चालकों की स्क्रीनिंग और तकनीकी जांच के बाद आरोपी तक पहुंची पुलिस, अन्य आरोपी की तलाश जारी।
कटनी।करीब डेढ़ माह पहले ट्रेन छूट जाने के बाद एक महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में रीठी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबी और चुनौतीपूर्ण जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त ऑटो भी जब्त कर लिया गया है, जबकि वारदात में शामिल दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, 14 जून 2026 को दिल्ली के सफदरजंग थाना क्षेत्र में महिला के भाई ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला अपने बच्चों के साथ निजामुद्दीन से छत्तीसगढ़ जाने के लिए हीराकुंड एक्सप्रेस में सवार हुई थी। बताया गया है कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण लंबे समय से दिल्ली में उपचाररत थी।
कटनी स्टेशन पर छूटी ट्रेन, बहाने से जंगल ले गए आरोपी
पुलिस के अनुसार रात करीब 9:45 बजे ट्रेन कटनी (मुढ़वारा) स्टेशन पर रुकी, जहां महिला पानी लेने के लिए नीचे उतरी। इसी दौरान ट्रेन रवाना हो गई। स्टेशन के बाहर एक अज्ञात व्यक्ति ने मंदिर दर्शन कराने का झांसा देकर महिला को ई-रिक्शा में बैठाया और रीठी रोड स्थित पटेहरा स्टेशन के आगे जंगल में ले गया। वहां ऑटो चालक और उसके एक अन्य साथी ने कथित रूप से महिला के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया।
रीठी पुलिस ने सड़क किनारे बरामद किया था महिला को
अगले दिन 15 जून को डायल-112 की सूचना पर रीठी पुलिस मौके पर पहुंची। महिला सड़क किनारे बैठी मिली, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी और वह घटना के बारे में कुछ भी नहीं बता पा रही थी। पुलिस ने उसे उपचार के लिए रीठी अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में उसके भाई को सूचना देकर बुलाया गया, जो उसे दिल्ली इलाज के लिए ले गया।
दिल्ली में उपचार के बाद सामने आई पूरी घटना
पुलिस के अनुसार इलाज के बाद महिला की मानसिक स्थिति सामान्य हुई तो उसने अपने भाई को पूरी घटना बताई। इसके बाद सफदरजंग थाने में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर कटनी पुलिस को केस डायरी भेजी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य, एसडीओपी रलेश मिश्रा तथा थाना प्रभारी मोहम्मद शाहिद के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई। 15 जुलाई को रीठी थाने में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
900 ऑटो चालकों की जांच के बाद मिला सुराग
चूंकि घटना को एक माह से अधिक समय बीत चुका था और आरोपी अज्ञात थे, इसलिए पुलिस के सामने जांच बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने जिले के करीब 800 से 900 ऑटो चालकों की स्क्रीनिंग की। महिला द्वारा बताए गए ऑटो के संबंध में लगातार जांच और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद पुलिस का संदेह जमुनिया निवासी दिनेश चौधरी पर गया। निगरानी और तकनीकी जांच के बाद उसकी संलिप्तता सामने आने पर पूछताछ की गई।
पूछताछ में कबूला जुर्म, ऑटो जब्त
पुलिस के अनुसार तकनीकी पूछताछ में आरोपी दिनेश चौधरी ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ऑटो क्रमांक MP21 ZJ 6903 जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब न्यायालय से रिमांड लेकर दूसरे आरोपी की तलाश और मामले की आगे की विवेचना कर रही है।
इन अधिकारियों की रही प्रमुख भूमिका
पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले की निगरानी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य और एसडीओपी रलेश मिश्रा ने की। कार्रवाई में थाना प्रभारी मोहम्मद शाहिद सहित रीठी थाना स्टाफ और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस का कहना है कि फरार दूसरे आरोपी की तलाश जारी है और जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
