पट्टा वितरण में भ्रष्टाचार के आरोप, अपात्रों को लाभ देने और फर्जी दस्तावेजों से जमीन हड़पने की जांच की मांग

कटनी : जिले के बड़वारा से एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां ग्रामीणों ने करोड़ों रुपए की बेशकीमती सरकारी जमीन के पट्टा वितरण में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्यवाही की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार बड़वारा क्षेत्र में भ्रष्टाचार चरम पर है। उनका आरोप है कि गरीबों के जीवन-यापन के लिए दी जाने वाली पट्टा भूमि को पूंजीपतियों ने पैसे के बल पर खरीद लिया और उस पर लाखों-करोड़ों रुपये के आलीशान मकान बना लिए।
ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में कई गंभीर बिंदु उठाए हैं—
कुछ मामलों में संपन्न लोगों ने स्वयं को गरीब बताकर अपने नाम पर पट्टा प्राप्त कर लिया।
कई जगहों पर पूंजीपतियों ने गरीबों को धन का लालच देकर उनके नाम से भूमि आवंटित कार्यवाही।
अधिकारियों की कथित मिलीभगत से अपात्रों को पात्र घोषित कर पट्टे जारी किए गए।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विधवा और बेघर बताकर जमीन हासिल करने के मामले भी सामने आए हैं।
ऐसे लोगों को पट्टा दिए जाने का आरोप है, जिनके पास पहले से भूमि और पक्के मकान मौजूद हैं।
कुछ सरकारी कर्मचारियों पर भी वेतन लेते हुए सरकार को गुमराह कर भूमि अपने नाम कराने का आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों ने कहा है कि
“हम मांग करते हैं कि सभी पट्टों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए।”
ग्रामीणों ने सभी लाभार्थियों के दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्यवाही करता है।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला क्षेत्र के सबसे बड़े भूमि घोटालों में से एक साबित हो सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं।