मुख्य नालों और खुले पड़े सार्वजनिक सेप्टिक टैंक बने मौत का जाल, हादसे के इंतजार में है निगम प्रशासन।

आवास योजनाओं के तहत बनाई गई कॉलोनियों एवं शहर के मुख्य नालों में इन दिनों लापरवाही की एक खतरनाक तस्वीर सामने आ रही है। इंदिरा नगर में सार्वजनिक रूप से बनाए गए सेप्टिक टैंक जगह-जगह से खुले हुए हैं, जो कभी भी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक 10 से 15 फीट गहरे इन टैंकों के ढक्कन लंबे समय से टूटे हुए हैं या गायब हैं, जिससे टैंक खुले पड़े हैं। इन गड्ढों में कई बार छोटे-छोटे जानवर गिरकर अपनी जान गंवा चुके हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन खुले टैंकों से कॉलोनी के बच्चों को गंभीर खतरा बना हुआ है। खेलते समय बच्चों के इन गड्ढों में गिरने की आशंका लगातार बनी रहती है।

वहीं माधवनगर में आयुर्वेदिक चिकित्सालय के बगल में मुख्य नाला भी जगह-जगह से खुला हुआ है, जिसमें विगत वर्षों में बारिश के समय एक नन्हीं बच्ची गिरकर जान गवां चुकी है।
कई बार स्थानीय लोगों ने निगम प्रशासन से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई, यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार विभाग की अनदेखी के चलते यह समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। यदि जल्द ही इन टैंकों और नालों को ढका नहीं गया, तो कोई बड़ी दुर्घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

अब देखना होगा कि दिन रात भूमि पूजन और कर वसूली में लगा निगम प्रशासन अपने बसे बसाए नागरिकों की रक्षा के लिए कितना गंभीर है और इन गंभीर लापरवाहियों पर कब तक संज्ञान लेता है, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्यवाही की बात की जाएगी।

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