
कलेक्टर आशीष तिवारी की सख्ती और संवाद का दिखा असर, शासकीय भूमि खाली होते ही वैधानिक क्षेत्र में संचालन की मिली अनुमति।
कटनी, 16 जुलाई।कटनी जिले के बरही क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्यवाही का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित समयसीमा में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त किए जाने के बाद बरही क्षेत्र के स्टोन क्रेशर उद्योगों पर लगाई गई अस्थायी रोक हटा दी गई है। अब संबंधित क्रेशर इकाइयों को केवल स्वीकृत और वैधानिक क्षेत्र में संचालन की अनुमति प्रदान कर दी गई है।जिला कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर प्रशासन ने पहले शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी कराई और उसके बाद मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन कराया। निरीक्षण में पाया गया कि संबंधित क्रेशर संचालकों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए स्वयं आगे बढ़कर शासकीय भूमि से कन्वेयर बेल्ट, मशीनरी से जुड़े ढांचे और अन्य सामग्री हटा ली है। इसके बाद प्रशासन ने संचालन पर लगाई गई अस्थायी रोक समाप्त कर दी।संयुक्त टीम ने किया विस्तृत निरीक्षणएसडीएम विजयराघवगढ़ श्री विवेक गुप्ता के नेतृत्व में राजस्व, खनिज एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बरही तहसील के ग्राम कन्नौर स्थित खदानों और स्टोन क्रेशर इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने विशेष रूप से शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 681 का परीक्षण किया, जहां पूर्व में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई थी।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि शासकीय भूमि पूरी तरह खाली कर दी गई है तथा भविष्य में किसी भी प्रकार का संचालन केवल स्वीकृत अनुज्ञप्ति क्षेत्र के भीतर ही किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में दोबारा नियमों का उल्लंघन पाया गया तो नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।संचालकों ने दिखाई जिम्मेदारीप्रशासनिक निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि जिन क्रेशर इकाइयों की कन्वेयर बेल्ट अथवा अन्य संरचनाएं शासकीय भूमि तक पहुंच गई थीं, उन्हें संचालकों ने स्वयं हटाकर प्रशासन के निर्देशों का पालन किया। प्रशासन ने इसे उद्योगों की जिम्मेदार और सकारात्मक भूमिका बताते हुए राहत प्रदान की।साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि भविष्य में किसी भी प्रकार के विस्तार, निर्माण अथवा नई संरचना स्थापित करने से पहले सभी वैधानिक स्वीकृतियां लेना अनिवार्य होगा।तीन दशक से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़बरही, विचपुरा और कन्नौर क्षेत्र पिछले लगभग 30 वर्षों से गिट्टी और स्टोन क्रेशर उद्योग के प्रमुख केंद्र रहे हैं। इन उद्योगों ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराया है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।ग्राम कन्नौर में वर्ष 2004 से श्री केशव प्रसाद अवस्थी द्वारा विधिवत स्वीकृत खदान एवं क्रेशर का संचालन किया जा रहा है। वहीं वर्ष 2014 से श्री त्रिलोक ग्रोवर द्वारा महालक्ष्मी फर्म के माध्यम से खदान और स्टोन क्रेशर का संचालन किया जा रहा है। समय के साथ उत्पादन क्षमता बढ़ने पर कुछ संरचनाएं स्वीकृत क्षेत्र से बाहर चली गई थीं, जिसके चलते प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।लीज समाप्त होने के बाद शुरू हुई प्रशासनिक प्रक्रियाजानकारी के अनुसार संबंधित खदानों की सब्सिडियरी पर्पज़ लीज की अवधि समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण नहीं हो सका था। इसके बाद कलेक्टर न्यायालय के निर्देशों के पालन में तहसीलदार बरही द्वारा सीमांकन कराया गया और शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए गए।नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एहतियातन संबंधित स्टोन क्रेशर इकाइयों के संचालन पर अस्थायी रोक लगा दी थी। अब अतिक्रमण पूरी तरह हट जाने और सभी निर्देशों का पालन होने के बाद संयुक्त निरीक्षण दल की संतोषजनक रिपोर्ट के आधार पर संचालन दोबारा प्रारंभ करने की अनुमति दे दी गई है।कानून और विकास के बीच संतुलन की मिसालबरही की यह पूरी कार्यवाही इस बात का उदाहरण है कि जिला प्रशासन शासकीय भूमि की सुरक्षा और कानून के पालन को लेकर पूरी तरह गंभीर है। वहीं दूसरी ओर नियमों का पालन करने वाले उद्योगों के हितों की रक्षा और स्थानीय रोजगार को बनाए रखने के लिए भी संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया गया है।प्रशासन का कहना है कि विकास और वैधानिक व्यवस्था दोनों साथ-साथ चल सकते हैं, बशर्ते सभी पक्ष नियमों का पालन करें। यही कारण है कि अतिक्रमण हटते ही उद्योगों को राहत देते हुए संचालन बहाल कर दिया गया।निरीक्षण एवं कार्यवाही के दौरान एसडीएम श्री विवेक गुप्ता, उप संचालक खनिज श्री रत्नेश दीक्षित, सहायक खनिज अधिकारी श्री पवन कुशवाहा, श्री कमलाकांत परस्ते, राजस्व विभाग के अधिकारी तथा बरही थाना पुलिस बल मौजूद रहा।
