
कटनी : जिले में 35 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षकों को 1 जुलाई 2023 से चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ दिए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि शासन स्तर से आदेश जारी होने के बावजूद पात्र शिक्षकों को उनका आर्थिक लाभ दिलाने की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है।
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सामान्य प्रशासन विभाग के स्तर से चतुर्थ क्रमोन्नति को लेकर आवश्यक आदेश जारी हुए करीब छह माह बीत चुके हैं, लेकिन कटनी में अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई सामने नहीं आई है। संघ का आरोप है कि लगातार मांग और अधिकारियों पर दबाव बनाए जाने के बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बजाय शिक्षकों के दस्तावेजों में कमियां तलाशने के लिए समिति गठित कर दी गई।
संघ के अनुसार, समिति द्वारा बड़ी संख्या में शिक्षकों के अभिलेखों में कमियां दर्शाई गई हैं और इसकी जिम्मेदारी शिक्षकों तथा संकुल प्राचार्यों पर डाली जा रही है। कार्यालय से जारी कमी-वेशी पत्र में करीब 140 शिक्षकों के नाम के सामने पांच वर्षों की गोपनीय चरित्रावली उपलब्ध नहीं होने का उल्लेख किए जाने पर भी संघ ने सवाल उठाए हैं।
शिक्षक संघ का कहना है कि संबंधित शिक्षकों के दस्तावेज संकुल केंद्रों पर जमा कराए जा चुके हैं और इसकी पावती भी संबंधित कार्यालयों में उपलब्ध है। ऐसे में अभिलेखों के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक नहीं पहुंचने अथवा उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में संबंधित शाखा की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
इसी मुद्दे को लेकर गत दिवस मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई। जिला शिक्षा अधिकारी की अनुपस्थिति में कार्यालय प्रमुख राकेश बागरी को ज्ञापन सौंपा गया। संघ ने मांग की कि जिन शाखा लिपिकों के पास अभिलेख जमा होने की पावती उपलब्ध है, उनसे संबंधित दस्तावेजों की तलाश कराई जाए और यदि अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं तो इसकी जिम्मेदारी भी तय की जाए।
शिक्षक संघ ने चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान से जुड़े प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर पात्र शिक्षकों को उनका लंबित आर्थिक लाभ दिलाने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के प्रमोद मिश्रा, गणेश शंकर गर्ग, शिवकुमार सोलंकी, अनिल पयासी, अजय कुमार मिश्रा, संजय मिश्रा और कुंवर मार्तण्ड सिंह राजपूत मौजूद रहे।
