


जबलपुर। बरगी डैम में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डाल दिया है। शुक्रवार सुबह चलाए गए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सामने आए एक मार्मिक दृश्य ने न केवल रेस्क्यू टीम बल्कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।
जानकारी के अनुसार, हादसे के बाद से लापता लोगों की तलाश के लिए प्रशासन द्वारा लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान गोताखोरों की टीम ने पानी के भीतर से एक महिला और उसके लगभग चार वर्षीय मासूम बेटे का शव बरामद किया। सबसे भावुक कर देने वाली बात यह रही कि बच्चा अपनी मां की बाहों में ही लिपटा हुआ मिला।
रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने बताया कि दोनों एक ही लाइफ जैकेट में बंधे हुए थे, जिससे यह प्रतीत होता है कि महिला ने अंतिम क्षणों में अपने बच्चे को बचाने की हरसंभव कोशिश की। जब दोनों के शव पानी से बाहर निकाले गए, तब भी मां के हाथ अपने बच्चे के शरीर को मजबूती से थामे हुए थे। इस दृश्य ने वहां मौजूद अनुभवी रेस्क्यू कर्मियों को भी भावुक कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के समय डैम क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल था। अचानक हुई घटना से लोग संभल भी नहीं पाए और कई लोग पानी में फंस गए। ऐसे में एक मां का अपने बच्चे को इस तरह सीने से लगाकर रखना, उस ममता और त्याग को दर्शाता है जो हर परिस्थिति में अपने बच्चे की सुरक्षा को सर्वोपरि मानती है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम लगातार जुटी रही। देर रात तक चले ऑपरेशन के बाद सुबह इस मां-बेटे का शव बरामद किया गया। अन्य लापता लोगों की तलाश भी जारी है और प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे जबलपुर में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल के आसपास जुट रहे हैं और मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लोगों में गहरा दुख और संवेदना देखने को मिल रही है।
यह हादसा न केवल एक त्रासदी है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि प्राकृतिक या आकस्मिक परिस्थितियों में सावधानी और सुरक्षा उपायों का पालन कितना आवश्यक है। वहीं, मां-बेटे के इस भावुक दृश्य ने मानवता और मातृत्व के उस रूप को सामने रखा है, जो हर परिस्थिति में अपने प्रियजनों के लिए आखिरी सांस तक संघर्ष करता है।
बहरहाल बरगी डैम में हुए हादसे के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृत हुए व्यक्तियों के परिजनों से मुलाकात कर भावुक हो गए, उन्होंने मृतकों के परिवार वालों को 4-4 लाख रुपए राज्य सरकार की ओर से तथा 2-2 लाख रुपए पी एम राहत कोष से तथा रेस्क्यू में सहयोग करने वालों को 51-51 हजार रुपए देने की घोषणा की है।
डूबे हुए क्रूज़ को निकाल लिया गया है। एन डी आर एफ एवम एस डी आर एफ की संयुक्त रेस्क्यू टीम द्वारा अब तक 28 लोगों को सकुशल बचा लिया गया है, जबकि 9 लोग मृत हुए हैं, साथ ही उत्तरदाई कर्मचारियों में पायलट सहित 3 कर्मचारियों को निलंबित किया गया है तथा मैनेजर को सेवामुक्त कर दिया गया है।
