
कटनी। इमलिया औद्योगिक क्षेत्र स्थित सोना पाइप इंडस्ट्री में कार्यरत 19 वर्षीय मजदूर घनश्याम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और श्रमिकों की कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मशीन के हॉपर में कच्चा माल डालते समय ऊपर रखी भारी बोरियां अचानक गिरने से वह उनके नीचे दब गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
मृतक घनश्याम, उमरिया जिले के ग्राम अमुआरी का निवासी था और कुछ समय से उक्त फैक्ट्री में मजदूरी कर रहा था। हादसे के बाद उसे बचाने के प्रयास किए गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलने पर माधवनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम करते हुए जांच शुरू कर दी है। हालांकि, हादसे के बाद फैक्ट्री प्रबंधन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों एवं श्रमिकों के अनुसार कच्चे माल की भारी बोरियां असुरक्षित ढंग से ऊंचाई पर रखी गई थीं। यदि यह तथ्य जांच में सही पाए जाते हैं तो यह औद्योगिक सुरक्षा नियमों और श्रम कानूनों की गंभीर अनदेखी मानी जा सकती है।
श्रमिक संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों में मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में इस हादसे की निष्पक्ष जांच कर यह तय किया जाना चाहिए कि सुरक्षा मानकों में कहीं लापरवाही तो नहीं बरती गई।
क्षेत्रीय नागरिकों ने मांग की है कि मामले की जांच केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि श्रम विभाग, औद्योगिक सुरक्षा विभाग और प्रशासन संयुक्त रूप से जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करें।
यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक सुरक्षा की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़ा करता है। यदि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन नहीं कराया गया तो भविष्य में भी ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति से इंकार नहीं किया जा सकता।
