175 रविवार से सेवा का संकल्प: जिला अस्पताल में हर सप्ताह मरीजों और परिजनों को खिचड़ी वितरण

कटनी। सेवा और परोपकार के कार्यों को निरंतरता के साथ आगे बढ़ाने की मिसाल कटनी में देखने को मिल रही है। शहर के प्रयाग ऑटोमोबाइल्स के संचालक अभिषेक दुबे एवं उनके भाई अभिलाष दुबे पिछले 175 रविवार से प्रत्येक रविवार जिला अस्पताल कटनी में खिचड़ी वितरण के सेवा कार्य से जुड़े हुए हैं। धर्मार्थ उद्देश्य से शुरू किया गया यह सेवा अभियान लगातार जारी है। प्रत्येक रविवार जिला अस्पताल पहुंचकर मरीजों और उनके परिजनों के बीच खिचड़ी का वितरण किया जाता है। लंबे समय से बिना किसी व्यवधान के चल रहे इस सेवा कार्य के माध्यम से जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

सेवा को बनाया साप्ताहिक संकल्प

आमतौर पर सामाजिक सेवा के कई आयोजन कुछ समय बाद समाप्त हो जाते हैं, लेकिन अभिषेक दुबे और अभिलाष दुबे द्वारा रविवार के दिन जिला अस्पताल में खिचड़ी वितरण को लगातार जारी रखना इस पहल की खास बात है। 175 रविवार यानी करीब साढ़े तीन वर्षों से अधिक समय से यह सेवा नियमित रूप से संचालित हो रही है।इस पहल का उद्देश्य किसी प्रचार-प्रसार से अधिक जरूरतमंद मरीजों एवं उनके साथ अस्पताल में मौजूद परिजनों तक भोजन पहुंचाना बताया गया है। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले कई मरीजों के परिजनों के लिए भोजन की व्यवस्था भी एक चुनौती रहती है। ऐसे में रविवार को मिलने वाली खिचड़ी उनके लिए सहारा बनती है।

बिना विराम जारी है सेवा

अभिषेक दुबे एवं अभिलाष दुबे का कहना है कि सेवा कार्य को निरंतर जारी रखना ही इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता है। रविवार का दिन आमतौर पर परिवार और निजी कार्यों के लिए होता है, लेकिन दोनों भाई प्रत्येक रविवार को जिला अस्पताल पहुंचकर इस सेवा में सहभागी बन रहे हैं।175 रविवार तक लगातार सेवा का यह क्रम न केवल भोजन वितरण तक सीमित है, बल्कि समाज में जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भावना का संदेश भी देता है। धर्मार्थ उद्देश्य से संचालित इस पहल से जुड़े लोगों का मानना है कि किसी जरूरतमंद को भोजन उपलब्ध कराना मानव सेवा का सहज और सार्थक माध्यम है।

सेवा की निरंतरता बनी प्रेरणा

जिला अस्पताल परिसर में नियमित रूप से चल रहे इस खिचड़ी वितरण कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि इसकी निरंतरता है। बिना किसी विशेष अवसर या आयोजन का इंतजार किए प्रत्येक रविवार सेवा करना इस पहल को अलग पहचान देता है। 175 रविवार पूरे होने के साथ अब यह सेवा अभियान अपने आप में एक लंबी परंपरा का रूप ले चुका है। अभिषेक दुबे एवं अभिलाष दुबे की यह पहल समाज में सेवा, सहयोग और जरूरतमंदों के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने वाली पहल के रूप में देखी जा रही है।

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