
कटनी में करीब 16 वर्ष पुराना 7 करोड़ 31 लाख रुपये की वसूली से जुड़ा मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। मेसर्स केपी अवस्थी फर्म के संचालक केशव प्रसाद अवस्थी ने आरोप लगाया है कि न्यायालय से राहत मिलने के बावजूद कुछ लोग व्यापारिक प्रतिस्पर्धा और उनकी छवि धूमिल करने की मंशा से पुराने मामले को दोबारा प्रचारित कर रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले को तथ्यों के साथ स्पष्ट करते हुए इसे सुनियोजित साजिश बताया है।
फर्म संचालक केशव प्रसाद अवस्थी का कहना है कि जिस मामले को लेकर आज फिर चर्चा की जा रही है, वह लगभग 16 वर्ष पुराना है। उनके अनुसार यह मामला न्यायिक प्रक्रिया से गुजर चुका है और उन्हें विधिक राहत भी मिल चुकी है। बावजूद इसके पुराने प्रकरण को दोबारा सामने लाकर उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
फर्म संचालक अवस्थी का कहना है कि उनका परिवार लंबे समय से व्यापार और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। ऐसे में कुछ लोग व्यक्तिगत और व्यापारिक प्रतिस्पर्धा के चलते पुराने विवाद को फिर से उछालकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना किसी भी व्यक्ति की साख पर सीधा हमला है।
फर्म संचालक ने स्पष्ट किया कि वे कानून और न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हैं तथा भविष्य में भी किसी भी प्रकार के आरोपों का जवाब कानूनी तरीके से ही देंगे। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी खबर या जानकारी पर विश्वास करने से पहले उसके तथ्य और आधिकारिक दस्तावेज जरूर देखें।
फिलहाल 16 वर्ष पुराने इस मामले के फिर से चर्चा में आने के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, मामले के सभी पक्षों का सामने आना और तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष निकालना ही निष्पक्ष पत्रकारिता और न्यायसंगत प्रक्रिया का मूल आधार है।
