
कटनी। विजयराघवगढ़ के प्रसिद्ध शारदा माता मंदिर में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक दंपती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ में कटनी, सतना, सिवनी और दमोह सहित विभिन्न स्थानों पर मंदिरों एवं सूने मकानों में चोरी की करीब एक दर्जन वारदातों का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण, मंदिरों से चोरी किए गए मुकुट-छत्र सहित स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की है। जब्त मशरूका की अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार, 24-25 जुलाई की दरम्यानी रात विजयराघवगढ़ स्थित शारदा माता मंदिर में अज्ञात चोरों ने मंदिर के कई ताले तोड़कर गर्भगृह में प्रवेश किया था। चोर माता शारदा का चांदी का मुकुट, चांदी का छत्र, सोने का लॉकेट, भगवान नरसिंह का मुकुट-छत्र और दान पेटी में रखी नकदी ले गए थे। वारदात के बाद आरोपियों ने सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी उखाड़कर ले जाने का प्रयास किया, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके।
मंदिर की देखरेख करने वाले मुकेश त्रिपाठी की रिपोर्ट पर विजयराघवगढ़ थाने में प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने मंदिर के आसपास आने-जाने वाले रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई। लगातार प्रयासों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस को 19 अगस्त की सुबह एक संदिग्ध सफेद कार के पड़खुरी से मैहर की ओर जाने की सूचना मिली।
कार रोककर पूछताछ, दंपती से खुला राज
सूचना के आधार पर विजयराघवगढ़ पुलिस टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार को रोका। कार में राजा उर्फ मोहन साहू निवासी प्रेमनगर, तिलक कॉलेज, कटनी और उसकी पत्नी राजनंदनी साहू सवार थे। पूछताछ के दौरान पुलिस को चोरी की वारदातों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने अपने बाल अपचारी पुत्र और साथी आदी उर्फ आदित्य बर्मन के साथ मिलकर कई चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया। आदी बर्मन वर्तमान में सिवनी जेल में चोरी के मामले में निरुद्ध है, जबकि बाल अपचारी फरार बताया गया है। पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की कार्यवाही की है। जेल में निरुद्ध आरोपी को सिवनी से लाकर आगे की वैधानिक कार्यवाही किए जाने की बात पुलिस ने कही है।
मंदिरों के साथ सूने मकान भी निशाने पर
पुलिस के अनुसार, आरोपी एक वाहन से चोरी के लिए निकलते थे। वारदात वाले स्थान पर पहुंचने के बाद दो सदस्य ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करते, जबकि अन्य सदस्य बाहर निगरानी रखते थे। किसी के आने की आहट होने पर बाहर मौजूद साथी अंदर घुसे आरोपियों को सूचना देते थे। गिरोह मुख्य रूप से बंद मंदिरों और सूने मकानों को निशाना बनाता था।
जांच में पुलिस ने विजयराघवगढ़ के शारदा माता मंदिर के अलावा माधवनगर थाना क्षेत्र के पिपरौंध स्थित जैन मंदिर, बरही के रामजानकी मंदिर, बिलहरी चौकी क्षेत्र के हनुमान मंदिर तथा सतना जिले के उचेहरा थाना क्षेत्र के मंदिरों में चोरी की वारदातों का खुलासा किया है। इसके अलावा विजयराघवगढ़ के जिवारा, एनकेजे थाना क्षेत्र के सरसवाही और शनि मंदिर के पास सूने मकान में चोरी की वारदात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार सिवनी के बंडोल क्षेत्र और दमोह के एक मंदिर में चोरी की वारदात में भी आरोपियों की भूमिका सामने आई है।
12 लाख का माल बरामद
पुलिस ने आरोपियों से चांदी के मुकुट, चांदी के छत्र, चांदी का कमरबंद, चांदी की चूड़ियां, पायल, बिछिया, सोने का लॉकेट सहित अन्य सामान बरामद किया है। इसके साथ ही चोरी में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त की गई है। जब्त सामान और वाहन की कुल अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई है।
आरोपियों का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी राजा उर्फ मोहन साहू के विरुद्ध विभिन्न थानों में 36 अपराध दर्ज हैं। उसकी पत्नी राजनंदनी साहू के विरुद्ध 9 अपराध तथा जेल में निरुद्ध आदी उर्फ आदित्य बर्मन के विरुद्ध भी 9 अपराध पंजीबद्ध बताए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर अन्य वारदातों और चोरी के माल की बरामदगी के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
इस पूरी कार्यवाही में थाना प्रभारी विजयराघवगढ़ निरीक्षक अभिषेक चौबे, उनि रामकुमार झारिया, उनि शैलेन्द्र सिंह, महिला आरक्षक नेहा सिंह, आरक्षक पप्पू प्रजापति, प्रधान आरक्षक एवं वाहन चालक मज्जू कोल सहित पुलिस टीम, मुखबिर और स्वतंत्र साक्षियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
