मीडिया की खबरों से नहीं चेता प्रशासन जिसका नतीजा विश्राम बाबा में हुई मासूम की मौत। बालाजी नगर की बदहाल सड़कें दे रहीं हादसों को न्योता

कटनी। बरसात के मौसम में शहर की बदहाल सड़कें और जगह-जगह बने गहरे गड्ढे अब महज परेशानी का कारण नहीं, बल्कि गंभीर हादसों का खतरा बनते जा रहे हैं। बुधवार को विश्राम बाबा क्षेत्र में ई-रिक्शा पलटने से 7 वर्षीय मासूम बच्ची की दबकर हुई दर्दनाक मौत ने शहर की सड़कों और जलभराव की समस्या को एक बार फिर सवालों के घेरे में ला दिया है।

इस हृदयविदारक घटना के बीच बालाजी नगर की बदहाल सड़क प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी बनी हुई है। क्षेत्र में लंबे समय से सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, उनमें भरा बरसाती पानी और उबड़-खाबड़ मार्ग लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। बारिश के दौरान कई स्थानों पर सड़क और गड्ढों का अंतर तक दिखाई नहीं देता, जिससे वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वाले लोगों और बच्चों के लिए भी खतरा बना रहता है।

कुछ दिन पहले पलटा था स्कूल ऑटो, बाल-बाल बचे थे बच्चे

बालाजी नगर की इसी बदहाल सड़क पर कुछ दिन पहले पानी से भरे गड्ढों के बीच एक स्कूल ऑटो पलट गया था। गनीमत रही कि ऑटो में सवार बच्चों को गंभीर चोट नहीं आई। उस समय भी सड़क की स्थिति और संभावित हादसों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया था। बावजूद इसके, क्षेत्र की सड़क समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बनी हुई है।

गड्ढों में भरा पानी बढ़ा रहा खतरा

बरसात के दौरान बालाजी नगर सहित शहर के कई हिस्सों में सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। दोपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर अक्सर इन गड्ढों से बचने के प्रयास में असंतुलित होते दिखाई देते हैं। ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका लगातार बनी रहती है।

विश्राम बाबा क्षेत्र में हुई मासूम की मौत की घटना ने यह सवाल और गंभीर कर दिया है कि क्या किसी हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा, या उससे पहले ही खतरनाक स्थानों को चिन्हित कर आवश्यक सुधार कार्य कराया जाएगा?

स्थानीय लोगों की मांग—तत्काल हो सड़क की मरम्मत

बालाजी नगर के रहवासियों का कहना है कि सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। बारिश के दौरान समस्या और बढ़ जाती है। लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र की सड़क का निरीक्षण कर गड्ढों को तत्काल भरा जाए, जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाए और जहां सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त है, वहां स्थायी मरम्मत कराई जाए।

विश्राम बाबा की घटना ने एक मासूम परिवार की खुशियां छीन लीं। अब जरूरत इस बात की है कि प्रशासन ऐसी घटनाओं को केवल संयोग मानकर आगे न बढ़े, बल्कि बालाजी नगर जैसी संवेदनशील जगहों पर समय रहते आवश्यक कार्यवाही कर संभावित हादसों को रोके।

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