फर्जी आधार और फिंगरप्रिंट से सिम जारी कर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़

ऑपरेशन फास्ट 2.0 के तहत कुठला पुलिस की कार्यवाही, तीन आरोपी गिरफ्तार; पीओएस मशीन, मोबाइल और सिम कार्ड जप्त

कटनी। लोगों के आधार कार्ड और फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर उनकी जानकारी के बिना मोबाइल सिम जारी कराने और बाद में उन्हें अन्य लोगों को बेचने के मामले का कुठला पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। ऑपरेशन फास्ट 2.0 के तहत की गई कार्यवाही में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, पीओएस मशीन और सिम कार्ड जप्त किए गए हैं।

पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा संदिग्ध पीओएस (Point of Sale) सिम विक्रयकर्ता एजेंटों एवं धारकों के विरुद्ध ऑपरेशन फास्ट 2.0 के तहत विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य तथा उप पुलिस अधीक्षक शिवा पाठक के मार्गदर्शन में कुठला थाना प्रभारी निरीक्षक अखलेश दाहिया एवं उनकी टीम ने यह कार्यवाही की।

एयरटेल पेमेंट बैंक खाता खुलवाने के नाम पर लिया आधार और फिंगरप्रिंट

मामले का खुलासा ग्राम डिठवारा निवासी ओम कोल (21) की शिकायत के बाद हुआ। ओम कोल ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उसने अपने आधार कार्ड से केवल मोबाइल नंबर 7694096818 की सिम प्राप्त की थी। आरोप है कि वर्ष 2024 में सागर बर्मन निवासी सहसपुरा ने एयरटेल पेमेंट बैंक खाता खुलवाने के नाम पर उसके आधार कार्ड की प्रति और फिंगरप्रिंट लिए।

शिकायत के अनुसार, इन्हीं दस्तावेजों और बायोमेट्रिक का इस्तेमाल कर ओम कोल की जानकारी के बिना उसके नाम पर मोबाइल नंबर 9584374439 की सिम 29 अप्रैल 2024 को जारी कराई गई। बाद में उक्त सिम का ठगी में दुरुपयोग किए जाने की जानकारी सामने आई।

जांच में सामने आई गिरोह की कड़ी

शिकायत के आधार पर कुठला पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस, 66(सी) आईटी एक्ट तथा दूरसंचार अधिनियम 2023 की धारा 42(3)(ई) एवं 42(6) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।

विवेचना के दौरान फरियादी और संदिग्ध मोबाइल धारकों को नोटिस देकर पूछताछ की गई। पुलिस ने मुख्यालय से प्राप्त दस्तावेजों एवं कैफ रिपोर्ट का परीक्षण करते हुए संदिग्ध मोबाइल नंबरों और पीओएस एजेंट सागर बर्मन द्वारा जारी सिम कार्डों की जांच की।

पूछताछ के दौरान पुलिस ने सागर बर्मन (22), निवासी सहजपुरा थाना कुठला को पकड़ा। पुलिस के अनुसार पूछताछ में उसने अपने साथी राहुल कुशवाहा (27), निवासी भैंसवाही थाना विजयराघवगढ़ के साथ मिलकर लोगों की जानकारी के बिना उनके नाम पर सिम जारी करने की बात बताई। पुलिस के मुताबिक दोनों यह कार्य डिंडौरी निवासी रामजी साहू के कहने पर कर रहे थे।

तीन आरोपी गिरफ्तार, सामान जप्त

पुलिस ने सागर बर्मन के मेमोरेंडम कथन के आधार पर उसके घर से पीओएस मशीन जप्त की। इसके बाद राहुल कुशवाहा और रामजी साहू (33), निवासी ग्राम मेहंदवानी, थाना मेहंदवानी, जिला डिंडौरी को भी गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में रामजी साहू ने भी मामले में संलिप्तता स्वीकार की है। आरोपियों से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, पीओएस मशीन एवं सिम कार्ड जप्त किए गए हैं। पुलिस अब प्रकरण में जारी की गई अन्य संदिग्ध सिमों और उनसे जुड़े लोगों के संबंध में भी जांच कर रही है।

पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका

पूरी कार्यवाही में कुठला थाना प्रभारी निरीक्षक अखलेश दाहिया, सहायक उप निरीक्षक तीरथ तेकाम, केशव मिश्रा, प्रधान आरक्षक अजीत मिश्रा, राहुल मिश्रा, सुनील पाण्डेय तथा आरक्षक अजय यादव, विवेक शुक्ला, बुद्धू कुमार और मनोज राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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