
कटनी। सिंधी भाषा दिवस के अवसर पर शहर में सांस्कृतिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला। सिंधी भाषा में भारतीय संविधान के ऐतिहासिक लोकार्पण से उत्साहित होकर कटनी के माधवनगर क्षेत्र में महिलाओं ने संस्कृति संरक्षण का संकल्प लिया।
भारतीय सिंधु Sabha की बैठक झूलेलाल मंदिर (हॉस्पिटल लाइन) में जिला अध्यक्ष पायल जेतवानी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस अवसर पर सिंधी भाषा को केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समृद्ध सभ्यता और सांस्कृतिक पहचान का आधार बताते हुए इसके संरक्षण और संवर्धन पर गंभीर चर्चा की गई।
बैठक में महिला शक्ति की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए संगठन के विस्तार का निर्णय लिया गया। विभिन्न पदों पर महिलाओं की नियुक्ति कर एक सक्रिय और सशक्त टीम का गठन किया गया। उपस्थित सदस्यों ने समाज की उन्नति, मातृभाषा के संरक्षण और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सामूहिक संकल्प लिया। साथ ही आगामी सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रमों की रूपरेखा भी निर्धारित की गई।
घोषित पदाधिकारी इस प्रकार हैं—
सलाहकार: रेखा पंजवानी, साधना ठारवानी, सुनीता ठारवानी, सिमरन जयसिंघानी
उपाध्यक्ष: काव्या झामनानी, पूजा मंगतानी, लक्ष्मी लालवानी, डिम्पल पंजवानी
महामंत्री: नम्रता राजपाल
सचिव: जानवी माखीजा
सहसचिव: पूजा रोहरा
कोषाध्यक्ष: बबिता नैनवानी
सह-कोषाध्यक्ष: लक्ष्मी लालवानी
मीडिया प्रभारी: जिया लालवानी, कोमल ओचानी
कार्यकारिणी सदस्य: राखी आहूजा, भावना विशनदासानी, काव्या बजाज, सरिता बबल, नायर पंजवानी, चाहत नादानी, मान्या माधवानी सहित अन्य।
जिला अध्यक्ष पायल जेतवानी ने प्रस्तावना रखते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि सिंधी समाज के लिए नई दिशा का प्रतीक है, जिसमें महिलाएं संस्कृति संरक्षण की अग्रिम पंक्ति में खड़ी दिखाई दे रही हैं।
कार्यक्रम का संचालन रेखा पंजवानी ने किया, जबकि अंत में राखी आहूजा ने आभार व्यक्त किया। झूलेलाल जी के भजनों और प्रसाद वितरण के साथ आयोजन का समापन हुआ।
उपस्थित महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि जब नारी शक्ति संकल्पित होती है, तब भाषा और संस्कृति का भविष्य सुरक्षित होने के साथ-साथ नई ऊंचाइयों को भी स्पर्श करता है।
