
कटनी। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिले में चलाए जा रहे योग सप्ताह अभियान के अंतर्गत सोमवार को जिला जेल कटनी में विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को योग के महत्व से अवगत कराना, उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करना तथा सकारात्मक सोच विकसित करना रहा।
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर का शुभारंभ प्रातः 7:30 बजे कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योगाभ्यास किया।
इस अवसर पर व्यवहार न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मृणालिनी सिंह ने उपस्थित बंदियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से तनाव कम होता है, मानसिक शांति प्राप्त होती है और व्यक्ति के जीवन में अनुशासन एवं आत्मविश्वास का विकास होता है।
शिविर के दौरान बंदियों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। साथ ही उन्हें बताया गया कि योग के माध्यम से शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन भी बेहतर बनाया जा सकता है। श्रीमती सिंह ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) की विभिन्न विधिक सहायता योजनाओं की जानकारी देते हुए बंदियों को उनके अधिकारों से अवगत कराया। उन्होंने नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम में जिला विधिक सहायता अधिकारी हर्षित बिसेन ने योग के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास शरीर को मजबूत, लचीला और रोगमुक्त बनाने में सहायक है। योग पाचन तंत्र, श्वसन प्रणाली एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करता है। इसके अलावा ध्यान और योग मानसिक तनाव, चिंता तथा अवसाद को कम कर व्यक्ति की एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता को बढ़ाते हैं।
उन्होंने बंदियों को संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों, विभिन्न कानूनी प्रावधानों तथा निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान बंदियों को कानून संबंधी जागरूकता प्रदान करते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बंदियों को टी-शर्ट वितरित की गईं। आयोजन में जिला जेल अधीक्षक प्रभात चतुर्वेदी सहित जेल प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
योग सप्ताह के तहत आयोजित यह शिविर न केवल बंदियों के स्वास्थ्य संवर्धन का माध्यम बना, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से सशक्त बनाने और सकारात्मक जीवन मूल्यों से जोड़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
