आस्था ने जाम किया पूरा शहर, एम्बुलेंस भी हुई लेटलतीफी का शिकार

कटनी में भगवान जगन्नाथ की भक्ति और श्रद्धा का उत्साह उस समय आम लोगों की परेशानी का कारण बन गया, जब जगन्नाथ चौक पर निकली धार्मिक भीड़ से पूरा शहर जाम की गिरफ्त में आ गया। हालात ऐसे बने कि भीषण गर्मी में स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और राहगीर घंटों सड़क पर फंसे रहे। सबसे चिंताजनक तस्वीर तब सामने आई, जब गंभीर मरीजों को लेकर जा रही एम्बुलेंस भी जाम में अटक गई और समय पर रास्ता नहीं मिल सका।

जगन्नाथ चौक पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और पर्याप्त ट्रैफिक प्रबंधन के अभाव में शहर की प्रमुख सड़कें पूरी तरह जाम हो गईं। चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। तेज धूप और उमस के बीच लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए परेशान होते रहे। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ा।

जाम के बीच कई एम्बुलेंस भी फंस गईं। एम्बुलेंस के सायरन लगातार बजते रहे, लेकिन भीड़ और अव्यवस्थित यातायात के कारण उन्हें रास्ता नहीं मिल पाया। गंभीर मरीजों और उनके परिजनों की चिंता साफ दिखाई दी। मौके पर मौजूद लोग व्यवस्था पर सवाल उठाते नजर आए कि धार्मिक आयोजनों के दौरान ट्रैफिक की वैकल्पिक व्यवस्था पहले से क्यों नहीं की गई।

धार्मिक आस्था और परंपराओं का सम्मान सभी करते हैं, लेकिन ऐसे आयोजनों में प्रशासन की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा, सुविधा और आपातकालीन सेवाओं का संचालन भी प्रभावित न हो। अब सवाल यही है कि क्या भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए बेहतर ट्रैफिक प्लान और इमरजेंसी कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, ताकि आस्था के उत्सव के बीच किसी की जिंदगी जाम में न फंस जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *