
काले झंडे और तख्तियां लेकर निकले छात्र व नागरिक, अक्षत यादव और अर्चना जार को दी श्रद्धांजलि; पूर्ण सरकारी मेडिकल कॉलेज सहित तीन मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
कटनी। शहर में बेहतर उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर कटनी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में आज मार्च निकाली गई। काले झंडे और मांगों से जुड़ी तख्तियां लेकर निकले छात्र एवं नागरिकों ने पीपीपी मॉडल पर संचालित मेडिकल कॉलेज का विरोध करते हुए कटनी में पूर्ण सरकारी मेडिकल कॉलेज, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और सरकारी लॉ कॉलेज खोलने की मांग उठाई। मार्च में विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए और छात्रों की मांगों का समर्थन किया।
मार्च की शुरुआत मुख्य रेलवे स्टेशन से हुई। यहां से छात्र और प्रदर्शनकारी सुभाष चौक पहुंचे, जहां दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना में जान गंवाने वाले कटनी निवासी छात्र अक्षत यादव और इंदौर में पढ़ाई कर रहीं अर्चना जार को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अर्चना जार का सड़क दुर्घटना में दुखद निधन हुआ था। दोनों घटनाओं ने विद्यार्थियों की सुरक्षा और अपने शहर में बेहतर शिक्षा सुविधाओं की उपलब्धता से जुड़े सवालों को फिर सामने ला दिया।
बाहर पढ़ने की मजबूरी पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कटनी में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के पर्याप्त संस्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे उन्हें आर्थिक, आवासीय और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कमेटी ने मांग की कि विद्यार्थियों को अपने ही शहर में बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उन्हें उच्च शिक्षा के लिए अनावश्यक रूप से बाहर जाने की मजबूरी न हो।
पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज के विरोध में नारेबाजी
मार्च सुभाष चौक से आगे बढ़ते हुए गांधी द्वार, झंडा बाजार और आजाद चौक पहुंची। यहां प्रदर्शनकारियों ने पीपीपी मॉडल मेडिकल कॉलेज के विरोध में नारे लगाए। पोस्टरों के माध्यम से कटनी के जेन-जी और जेन-अल्फा तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया कि शिक्षा और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाओं को बाजार आधारित व्यवस्था के बजाय आम नागरिकों की पहुंच में लाया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने पूर्ण सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना को अपनी प्रमुख मांग बताया।
तीन प्रमुख मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
कटनी एक्शन कमेटी की मार्च मिशन चौक पहुंचकर समाप्त हुई। यहां तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर तीन प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें कटनी में पूर्ण सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज खोलना और सरकारी लॉ कॉलेज शुरू करना शामिल है। कमेटी ने इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की।
कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने दिया समर्थन
मार्च के दौरान समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, भीम आर्मी, ओबीसी महासभा, ब्राह्मण महासभा, करणी सेना और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेता एवं प्रतिनिधि भी जुड़ते गए। विभिन्न संगठनों की भागीदारी के साथ प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
कटनी एक्शन कमेटी की यह मार्च शहर में सरकारी शिक्षण संस्थानों और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को लेकर चल रही मुहिम का हिस्सा रही। अब इन मांगों पर प्रशासन और संबंधित शासन स्तर से क्या पहल की जाती है, इस पर विद्यार्थियों और नागरिकों की निगाहें टिकी हैं।
