केवलारी पंचायत में 50 लाख के कथित फर्जी भुगतान की शिकायत, जांच की मांग

बिल-वाउचर से लेकर बैंक रिकॉर्ड और फर्म के GST पंजीयन की जांच कराने की मांग, शिकायत के बाद प्रशासनिक जांच पर टिकी निगाहें

कटनी। केवलारी ग्राम पंचायत में पंचायत निधि से करीब 50 लाख रुपये के कथित फर्जी भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में शिकायतकर्ता अनिकेत शुक्ला ने कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में पंचायत निधि से विभिन्न सामग्री खरीदी एवं अन्य कार्यों के नाम पर भुगतान किए जाने को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पंचायत के रिकॉर्ड में कुछ ऐसे बिल लगाए गए, जिनके आधार पर पंचायत खाते से भुगतान किया गया। शिकायत में भाजपा मंडल अध्यक्ष नितिन पांडे से जुड़ी बताई जा रही फर्म के नाम से सामग्री खरीदी तथा अन्य कार्यों के बिल प्रस्तुत किए जाने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता ने इन बिलों की वास्तविकता, फर्म के अस्तित्व, बिलों की वैधता तथा संबंधित सामग्री की वास्तविक आपूर्ति को लेकर जांच की मांग की है।

बिल-वाउचर और बैंक रिकॉर्ड की जांच की मांग

शिकायतकर्ता ने प्रशासन से पंचायत के बिल-वाउचर, कैशबुक, बैंक भुगतान रिकॉर्ड और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही जिस फर्म के नाम पर भुगतान किए जाने का आरोप लगाया गया है, उसके GST पंजीयन, बिलों की वैधता तथा पंचायत द्वारा खरीदी गई सामग्री की दरों का भी मिलान कराने की मांग की गई है।

मौके पर भौतिक सत्यापन कराने की मांग

शिकायत में केवल दस्तावेजों की जांच तक सीमित न रहते हुए मौके पर भौतिक सत्यापन कराने की बात भी कही गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार जिन सामग्री या कार्यों के नाम पर भुगतान दर्शाया गया है, उनका वास्तविक अस्तित्व और पंचायत में उपयोग हुआ या नहीं, इसका मौके पर सत्यापन कराया जाना जरूरी है।

जांच से स्पष्ट होगी भुगतान की वास्तविकता

मामले में लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायत तक सीमित हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में संबंधित दस्तावेजों और पंचायत के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भुगतान नियमानुसार किया गया था अथवा वित्तीय अनियमितता हुई।
यदि जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित अधिकारियों एवं व्यक्तियों की भूमिका तय करते हुए नियमानुसार कार्यवाही तथा शासकीय राशि की वसूली की स्थिति बन सकती है। वहीं जांच में आरोप प्रमाणित नहीं होने पर संबंधित पक्ष को भी अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर मिलेगा।
फिलहाल केवलारी ग्राम पंचायत में कथित 50 लाख रुपये के भुगतान का मामला प्रशासन के समक्ष पहुंच चुका है और अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच तथा उपलब्ध रिकॉर्ड के परीक्षण के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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