
दर्पण रंग समिति के नाटक ने बरही में छोड़ी अमिट छाप, डेढ़ घंटे तक गूंजती रहीं तालियां
बरही। दर्पण रंग समिति द्वारा रविवार शाम ताम्रकार मैरिज गार्डन में सुप्रसिद्ध नाटक ‘दुलारी बाई’ का मंचन किया गया। संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली एवं ताम्रकार मैरिज गार्डन के सहयोग से आयोजित इस नाट्य प्रस्तुति को देखने के लिए सभागार दर्शकों से खचाखच भरा रहा। करीब डेढ़ घंटे चली प्रस्तुति के दौरान कलाकारों के अभिनय और संवादों पर दर्शक लगातार तालियां बजाते नजर आए।
प्रसिद्ध लेखक मणि मधुकर के चर्चित नाटक ‘दुलारी बाई’ का निर्देशन बरही की बेटी एवं बॉलीवुड अदाकारा अन्नपूर्णा सोनी ने किया। संगीत एवं सह-निर्देशन की जिम्मेदारी प्रसिद्ध रंगकर्मी दुर्गेश सोनी ने संभाली।
नाटक में दुलारी बाई की भूमिका रक्षा सोनी एवं राजेश्वरी वंशकार ने निभाई। वहीं सावन सेन, अनुदीप सिंह, आर्यन सिंह सिसोदिया, अमित गुप्ता, राहुल बर्मन, आराधना, प्रियंका और लक्ष्मी सहित अन्य कलाकारों ने अपने अभिनय से प्रस्तुति को प्रभावी बनाया।
संगीत सहायक के रूप में शिवबालक दाहिया, रविन्द्र सोनी, अनुराग वंशकार एवं नमन का योगदान रहा। प्रकाश परिकल्पना एवं संचालन अक्षय सिंह ठाकुर ने किया। नाट्य प्रबंधन में आकाश बर्मन, सत्यम एवं मोनू ने भूमिका निभाई। कार्यक्रम को कृष्ण टेंट, सोनू साउंड, शिवम डीजे एवं पलक स्टूडियो का भी सहयोग मिला।
मंचन के समापन पर दर्पण संस्था के अध्यक्ष डॉ. दीपक अग्रवाल ने सभी कलाकारों को सफल प्रस्तुति के लिए बधाई दी। उन्होंने ताम्रकार मैरिज गार्डन के संचालक पंकज ताम्रकार सहित सभी सहयोगियों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
दस वर्षों से नाट्य कला को दे रही मंच
दर्पण रंग समिति बरही क्षेत्र की प्रमुख नाट्य संस्थाओं में से एक है, जो लोककला एवं नाट्य कला को जीवंत बनाए रखने के साथ ही स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। संस्था पिछले दस वर्षों से प्रतिवर्ष राष्ट्रीय नाट्य समारोह का आयोजन कर रही है, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों की नाट्य संस्थाओं को आमंत्रित किया जाता है।
संस्था द्वारा अब तक ‘बसामन मामा’, ‘मैं नर्क से बोल रहा हूं’, ‘आईना’, ‘अंधविश्वास का भूत’, ‘रियासत-ए-विजयराघवगढ़’, ‘को जानी कहां’, ‘भटके हुए प्रेमी’, ‘बड़े भाई साहब’, ‘सरोज स्मृति’, ‘सल्तनत’ और ‘हुकूमत हवाहवाई’ सहित कई चर्चित नाटकों का देश के अलग-अलग स्थानों पर मंचन किया जा चुका है। गत वर्ष दशहरा महोत्सव बरही में संस्था की प्रस्तुति ‘निषादराज’ भी काफी चर्चित रही थी।
